Sunday, July 12, 2026

अंग दर अंग सुन्न हो रहा 

कुहासा घना दिखना धुँधला रहा

सांझ तो सांझ रात घिरने लगी 

चलो अब समेट लें  पतंग अपनी . 


08 June 2025 R.T.

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