Friday, July 24, 2026

 नातों के सब सूत्र समझते पूरा जीवन लग जावे, 
फिर भी जाने कुछ कितना अनजाना ही रह जावे।   

कुछ नाते मतलब के होते पल भर में चुक जाने वाले,
कोई मतलब आ जाए तो फिर से जग जाने  वाले। 

कुछ नाते त्योहारी होते कभी कभी मिलने वाले, 
सुख दुःख कोई आ जाए ब्यौहारी में आने वाले।   

खैर खैरियत कभी को पूछें कभी कभी मिलने वाले, 
बिरले ही मिलते-बतियाते बेमशरफ़ नेह लगाने वाले।

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