Thursday, June 25, 2026

 कितना ही उलट-पलट 
छटक-पटक कर,
सोचा-परखा-समझा, 
अपने परिप्रेक्ष्य में,  
उन्हें पाक-साफ 
निश्छल पाया,  
उन पर नेह, 
अपने आप पर रोस आया।  

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