चलते हैं,
चलना ही है ।
न नेह जगाओ,न मोह लगाओ,न साथ गहो !
अब बहुत हुआ, अब बहुत हुआ !
अब चलना है, चलना ही है।
रस्मी तौर पर मिलना कोई जरूरी तो नहीं !